पोयरो के सामने अब दो संभावित स्पष्टीकरण (solutions) थे – एक कानूनी, जिसमें किसी बाहरी हत्यारे को दोषी ठहराया जाए, और दूसरा नैतिक, जिसमें इस सामूहिक न्याय को स्वीकार किया जाए। फिल्म और किताब के अंत में पोयरो वही रास्ता चुनते हैं जो न्याय की आत्मा को शांति देता है, भले ही वह कानून की किताबों के खिलाफ हो।
अब मामले की जांच पोयरो को करनी है। वह हर यात्री से बारीकी से पूछताछ करते हैं, उनके सामान, एलिबी और चाल-चलन को परखते हैं। धीरे-धीरे पता चलता है कि मृतक रैचेट कोई साधारण व्यवसायी नहीं था, बल्कि असल में वह कैसैटी (Cassetti) नाम का एक क्रूर अपराधी था, जिसने कुछ साल पहले अमेरिका में एक छोटी बच्ची डेज़ी आर्मस्ट्रांग (Daisy Armstrong) का अपहरण करके उसकी हत्या कर दी थी। हालाँकि वह कानून की पकड़ से बच निकला था, लेकिन इसने उसके परिवार और उनसे जुड़े लोगों की जिंदगी तबाह कर दी थी। murder on the orient express in hindi
कहानी शुरू होती है इस्तांबुल से, जहाँ से पोयरो शानदार ओरिएंट एक्सप्रेस ट्रेन से लंदन लौट रहे होते हैं। ट्रेन पूरी तरह भरी हुई है, जिसमें तरह-तरह के यात्री सवार हैं – एक अमेरिकी व्यवसायी रैचेट (Ratchett), एक रूसी राजकुमारी, एक अंग्रेज कर्नल, एक इतालवी ड्राइवर, एक जर्मन नौकरानी और कई अन्य। पहली ही रात, बेलग्रेड के पास एक भयंकर हिमस्खलन (avalanche) के कारण ट्रेन पटरी से उतर जाती है और बर्फ में फंस जाती है। वातावरण अंधकारमय और रहस्यमय हो जाता है। और दूसरा नैतिक
पोयरो एक-एक कर सुराग जोड़ते हैं – एक जली हुई चिट्ठी, एक गिरा हुआ रूमाल, एक टूटी हुई घड़ी, और एक अजीब डिब्बा। अंत में जब सभी यात्रियों से पूछताछ पूरी हो जाती है, तो पोयरो के सामने एक चौंकाने वाला निष्कर्ष आता है: ट्रेन के हर यात्री का उस हत्या में कोई न कोई हाथ था। असल में, यह एक सुनियोजित सामूहिक हत्या थी, जहाँ हर यात्री किसी न किसी तरह आर्मस्ट्रांग परिवार से जुड़ा था और रैचेट से बदला लेना चाहता था। एक रूसी राजकुमारी
"ओरिएंट एक्सप्रेस में हत्या" सिर्फ एक जासूसी कहानी नहीं, बल्कि न्याय, सजा और मानवीय भावनाओं का गहरा दार्शनिक सवाल है। हिंदी पाठकों के लिए यह उपन्यास हरक्यूल पोयरो की बुद्धिमत्ता और अगाथा क्रिस्टी के अद्भुत कथानक कौशल का शानदार उदाहरण है। यह साबित करता है कि कभी-कभी सबसे मुश्किल सवालों के जवाब काले और सफेद में नहीं, बल्कि ग्रे शेड्स में छिपे होते हैं।
यहाँ "मर्डर ऑन द ओरिएंट एक्सप्रेस" (Murder on the Orient Express) पर हिंदी में एक पाठ प्रस्तुत है:
सुबह होते-होते यात्रियों में हड़कंप मच जाता है – अमेरिकी यात्री मिस्टर रैचेट का शव उनके कम्पार्टमेंट में खंजर से गोदा हुआ मिलता है। हैरानी की बात यह है कि उसके शरीर पर करीब बारह घाव हैं, और केबिन का दरवाजा अंदर से बंद था। यानी, हत्या ऐसे लगती है जैसे किसी ने ‘बंद कमरे’ में असंभव हत्या की हो।