Dukh Bhanjani Sahib Pdf In Hindi Extra Quality Online

खंडा प्रीथम साज सिरजनहारु। हिंदी अर्थ: जिस परमात्मा ने सबसे पहले यह संसार रचा है, उसने अपने हाथ में खंडा (शक्ति) धारण की।

Dukh Bhanjani Sahib सिख धर्म का एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली बाणी (गुरबाणी) है। यह शब्द डुख (दर्द, कष्ट, परेशानी) और भंजन (नाश करने वाला) से मिलकर बना है – अर्थात, ‘दुखों को दूर करने वाली बाणी’। मान्यता है कि इस बाणी के नियमित पाठ से शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक सभी प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। dukh bhanjani sahib pdf in hindi

लेकिन ‘Dukh Bhanjani Sahib’ उस बाणी के उन विशेष शब्दों (स्तुतियों) को कहा जाता है, जिनमें की गई है। समय के साथ, इन शब्दों का एक संग्रह ‘Dukh Bhanjani Sahib’ के नाम से प्रसिद्ध हो गया। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और मान्यता प्रचलित कथा के अनुसार, एक बार एक गरीब तथा रोगग्रस्त व्यक्ति (जिसे सूरज सिंह या भाई बुद्धू जी नाम से जाना जाता है) ने श्री गुरु अर्जन देव जी से दुखों से मुक्ति का उपाय पूछा। गुरु जी ने उन्हें यह बाणी (बावन अखरी के विशेष शब्द) सुनाए और नित्य पाठ करने को कहा। जैसे ही उस व्यक्ति ने श्रद्धापूर्वक इस बाणी का जाप किया, उसके सारे कष्ट समाप्त हो गए। तब से इस बाणी का नाम ‘Dukh Bhanjani Sahib’ पड़ गया। dukh bhanjani sahib pdf in hindi